Saturday, 30 June 2012

हनुमान तंत्र साधना की शक्ति और गुर-पूर्णिमा पर करने योग्य साधना

हनुमान  तंत्र  साधना  की शक्ति  और गुर-पूर्णिमा पर करने योग्य साधना
                                             ज्योतिषी पदम् कुमार ,बठिंडा 9815075493

                  कुछ साल पुरानी बात है.मध्य-प्रदेश के एक छोटे से गाँव में भयंकर महामारी फेफैल  गयी सरकार और समाज सेवी-संस्थाओं के अथक प्रयासों के बाबजूद भी महामारी विकराल से विकराल होती गयी बच्चे-.बूढ़े सभी त्राहि-त्राहि कर रहे थे.मौत का आंकड़ा दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा था हैरानी  इस बात की थी क़ि इस गाँव में तो रोग तांडव मचा रहा था पर पडौस के गाँव में कोई असर नहीं था.कारण भगवान् जाने.उस पर तुर्रा ये क़ि गाँव व् जिले में उपलब्ध
डाक्टरों की सारी कोशिशें नाकाम हो रही थी  लगता था क़ि लोगों का भरोसा अब मेडीकल साइंस से उठाता जा रहा था ,निराश गाँव निवासी थक-हार कर नजदीक गाँव के एक संन्यासी की शरण में पहुंचे सन्यासी ने उन्हें गाँव के बाहर हनुमान जी का मंदिर बनाने की सलाह दी.उसी दिन से मंदिर  स्थापना का कार्य आरम्भ हो गया.शाश्त्र विधी अनुसार दैनिक  हवन-यग होने लगे  सारा गाँव बड़ी श्रधा भक्ती से  हनुमान जी की सेवा में जुट गया वेद-मन्त्रों की धव्नियां गूंजने लगी.एक-एक दिन करके गाँव से रोग-शोक दूर भागने लगे.मौतों और रोगियों की संख्या प्रतिदिन कम होती जा रही थी.सभी के घरों में फिर से खुशी के ठहाके गूंजने शुरू हो गए .यह था हनुमान जी का साधना का प्रभाव की जो काम सारी मेडीकल साइंस ना कर पायी हनुमान जी की साधना ने कर दिखाया आप के लिए एक विशेष सन्देश :-
             गुर-पूर्णिमा  का पर्व निकट है आप भी गुरुदेव जी की तरह कृपा करने वाले हनुमान जी की साधना कर अपने परिवार और नगर को दुःख -शोक-रोग से मुक्त कर सुख-समृधी भरा जीवन जी सकते हैं
तरीका इस प्रकार है:-शनीवार रात 10 बजे के लगभग स्नान आदि करके लाल-वस्त्र धारण करें लकड़ी के एक पाते पर लाल कपड़ा बिछा कर कपडे पर लाल सिन्धुर छिडकें.लाल आसन पर वीर-आसन यां सुखासन में बैठ कर लाल कपडे पर शुद्ध हनूमान यंत्र स्थापित करें गुरु का ध्यान-पूजा कर जोत जगाएं माथे पर सिन्धुर का तिलक लगा यंत्र को लाल फूल और लाल फल अर्पित करें लाल माला के साथ निम्न मन्त्र की 21 माला करें.
Om Namo Bhagawate Anjaneyaay Mahaabalaay Hanumate Namah
॥ ॐ नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय हनुमते नमः ॥
साधना के बाद वहीं जमीन पर ही लेट जाएँ.यदि आप 11 दिन लगातार फलाहार पर रहते हुए यह साधना कर पाए तो हनुमान जी की कृपा से सारे घर में धन-सुख समृधि का अम्बार लग जाएगा.हनुमान जी सदा आपके अंग संग रह कर रक्षा करने को तत्पर रहेंगे.जीवन में बहारें आ जाएँ गी जिस प्रकार उस रोग पीड़ित गाँव के कष्ट दूर हुए थे आप भी रोग-शोक से कोसों दूर आन्दमयी जीवन जी सकेंगे

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