वेदों, रामायण , महाभारत किसी में भी किसी भी स्त्री का ‘बलात्कार ‘ होने का जिक्र नहीं है
पर क्या कारण है की महान भारत जो की स्त्री को देवी कह कर पूजता था , जिसने स्त्रियों को ” या देवी सर्वभूतेषु ” कह कर उसे पूजनीय बनाया , पुरुषो द्वारा लिखे गए वेदों में भी उसे इतना सम्मान दिया की ” यत्र नार्यस्तु पूजयन्ते रमन्ते तत्र देवता ” तक कह दिया गया ।
वेदों, रामायण , महाभारत किसी में भी किसी भी स्त्री का ‘बलात्कार ‘ होने का जिक्र नहीं है , राम ने लंका पर विजय प्राप्त की पर न ही उन्होंने और न किसी सेना ने पराजित लंका की स्त्रियों को हाथ लगाया । महाभारत में पांड्वो की जीत हुयी लाखो कौरव मारे गए , उनकी स्त्रियाँ विधवा हुयी पर किसी भी पांडव सैनिक ने किसी भी कौरव सेना की विधवा स्त्रियों को हाथ तक लगाया ।
फिर अचानक क्या हुआ की इसी भारत में स्त्रियों की इतनी दयनीय स्थिति हो गयी, उनके बलात्कार होने लगे ? इसके लिए हम को इतिहास में झांकना होगा …
फिर अचानक क्या हुआ की इसी भारत में स्त्रियों की इतनी दयनीय स्थिति हो गयी, उनके बलात्कार होने लगे ? इसके लिए हम को इतिहास में झांकना होगा …
ये तो सभी जानते हैं की भारत पर समय -समय पर विदेशी आक्रमण होते रहे हैं कुछ प्रमुख आक्रमणकारियों के इतिहास को देखते हैं …
मध्यकालीन भारत में …जहाँ से शुरू होता है इस्लामिक आक्रमण , और शुरू हुआ भारत में बलात्कार का प्रचलन ।
मुहम्मद बिन कासिम :- सबसे पहले मुस्लिम आक्रमण हुआ 711 ई . में मुहामद बिन कासिम द्वारा सिंध पर , राजा दाहिर को हराने के बाद उसकी दोनों बेटियों का बलात्कार करके उन्हें दसियों के रूप में खलीफा को तौफ़ा भेज दिया । तब शायद ये भारत की स्त्रीओं का पहली बार बलात्कार जैसे कुकर्म से सामना हुआ जिसमें हारे हुए राजा की बेटियों और साधारण स्त्रियों का जीती हुयी सेना द्वारा बुरी तरह से बलात्कार हुआ ।
(पाठक मित्र और अधिक जानकारी के लिए इतिहासकार प्रो . S.G.Shevde की पुस्तक ‘भारतीय संस्कृति ” पेज 35-36 देखे )
(पाठक मित्र और अधिक जानकारी के लिए इतिहासकार प्रो . S.G.Shevde की पुस्तक ‘भारतीय संस्कृति ” पेज 35-36 देखे )
मुहम्मद गजनी :- गजनी ने पहला भारत पर आक्रमण 1001 ई में किया , इसके बारे में ये कहा जाता है की इसने इस्लाम को फ़ैलाने के ही आक्रमण किया था , सोमनाथ के मंदिर को तोड़ने के बाद उसके साथ हजारो हिन्दू स्त्रियों को अफगानिस्तान ले गया और उन्हके साथ बलात्कार करके दासो के बाजारों में उन्हें बेच दिया गया ।
मुहम्मद गौरी :- गौरी ने 1175 में सबसे पहले मुल्तान पर आक्रमण किया , मुल्तान में इस्लाम फ़ैलाने के बाद उसने भारत की तरफ रुख किया । पृथ्वी राज को दुसरे युद्ध(1192) में हराने के बाद उसने पृथ्वी राज को इस्लाम कबूल करने के लिए कहा पर जब पृथ्वी राज ने इंकार तो उसने न की पृथ्वी राज को अमानवीय यातनाये दी बल्कि उन लाखो हिन्दू पुरुषो को मौत के घाट उतर दिया और अनगिनत हिन्दू स्त्रियों के साथ उसकी सेना ने बलात्कार की जिन्होंने इस्लाम कबूल करने से मना कर दिया था ।
इतिहासकार श्री आशीर्वादी लाल श्रीवास्तव की पुस्तक ” दिल्ली सल्तनत -711 से 1526 तक के पेज न . 85 पर आप देख सकते हैं की किस प्रकार गौरी ने इस्लाम न कबूल करने वाले हिन्दुओं और स्त्रियों पर क्या क्या अत्याचार ।
ये सूचि बहुत लम्बी है , पर मेरे कहने का बस इतना तात्पर्य है की मध्यकालीन में मुगलों द्वारा पराजित हिन्दू राजाओं की स्त्रियों का और साधारण हिन्दु स्त्रियों का बलात्कार करना एक आम बात थी , क्यों की वो इसे अपनी जीत या जिहाद का इनाम थे।
ये सूचि बहुत लम्बी है , पर मेरे कहने का बस इतना तात्पर्य है की मध्यकालीन में मुगलों द्वारा पराजित हिन्दू राजाओं की स्त्रियों का और साधारण हिन्दु स्त्रियों का बलात्कार करना एक आम बात थी , क्यों की वो इसे अपनी जीत या जिहाद का इनाम थे।
धीरे -धीरे ये बलात्कार करने की रुग्ण मानसिकता भारत के पुरुषो में भी फैलने लगी , और आज इसका ये भयानक रूप देखने को मिल रहा है … तो इस प्रकार भारत में ‘बलात्कार ” करने की मानसिक रोग उत्त्पन्न हुआ ।
ठीक उसी प्रकार जैसे सर पर मैला उठाने की प्रथा वैदिक काल में नहीं थी और न ही उसके बाद तक जब तक की मुगलों का आगमन भारत में नहीं हुआ था ।